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शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में निमोनिया
निमोनिया कà¥à¤¯à¤¾ है?
निमोनिया (फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¹) निमोनिया à¤à¤• तरह का छाती या फेफड़े का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ है, जो à¤à¤• या फिर दोनों फेफड़ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। इसमें फेफड़ों में सूजन आ जाती है और तरल पदारà¥à¤¥ à¤à¤° जाता है, जिससे खांसी होती है और सांस लेना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है।
निमोनिया सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम या फà¥à¤²à¥‚ के बाद हो सकता है, विशेषकर सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के महीनों में। यह बहà¥à¤¤ से संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ विषाणà¥à¤“ं और जीवाणà¥à¤“ं की वजह से हो सकता है।
शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ सिंसिशियल वायरस (आरà¤à¤¸à¤µà¥€) नामक विषाणॠवायरल निमोनिया का सबसे आम कारण है।
निमोनिया किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। हालांकि, यह शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ मे अधिक आम व गंà¤à¥€à¤° हो सकता है।
कैसे पता चलेगा कि मेरे बचà¥à¤šà¥‡ को निमोनिया है?
निमोनिया अचानक से à¤à¤•-दो दिन में à¤à¥€ शà¥à¤°à¥ हो सकता है या फिर धीरे-धीरे कई दिनों में सामने आता है। कई बार यह पता लगाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है कि यह केवल अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम ही है या कà¥à¤› और। खांसी निमोनिया के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है।
निमà¥à¤¨ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚:
उसे बà¥à¤–ार है और पसीना आ रहा है व कंपकंपी हो रही है
उसे बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खांसी है और गाढ़ा पीला, हरा, à¤à¥‚रा या खून के अंश वाला बलगम आ रहा है।
वह आमतौर पर असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ सा दिख रहा है
उसे à¤à¥‚ख नहीं लग रही है
कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं में निमोनिया गंà¤à¥€à¤° रूप ले लेता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ असà¥à¤¤à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में उपचार की जरà¥à¤°à¤¤ होती है। निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शिशॠको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के आपातकालीन वारà¥à¤¡ में ले जाà¤à¤‚:
वह तेज-तेज और कम गहरी सांसे ले रहा है और उसकी हंसली कॉलरबोन से उपर पसलियों के बीच की तà¥à¤µà¤šà¤¾ या फिर पंजर के नीचे की तà¥à¤µà¤šà¤¾ हर सांस के साथ अंदर धंस रही हो
उसने पिछले 24 घंटों में अपनी सामानà¥à¤¯ मातà¥à¤°à¤¾ की आधी मातà¥à¤°à¤¾ के तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन किया है
सांस फूलना (सांस लेने पर मोटी, सीटी जैसी आवाज आना)
उसके होंठऔर उंगलियों के नाखून नीले हैं।
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में निमोनिया का पता कैसे लगाया जाता है?
डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¥à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप से शिशॠके फेफड़ों की आवाज सà¥à¤¨à¤•र तरल पदारà¥à¤¥ होने या कà¥à¤› चटकने की सी आवाज का पता लगाà¤à¤‚गे। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠकी हृदय गति और सांस की à¤à¥€ जांच करेंगे, और आपसे अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में पूछेंगे।
अगर शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बीमार लगे, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में शिशॠकी छाती का à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥‡ कराने के लिठकह सकते हैं। इससे पता लग सकेगा कि फेफड़े कितने पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤ हैं।
निमोनिया विषाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ है या जीवाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤, इसके लिठखून की जांच या फिर बलगम की जांच करवानी पड़ सकती है।
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में निमोनिया का उपचार कैसे किया जाता है?
य​दि डॉकà¥à¤Ÿà¤° को लगे कि शिशॠमें हलà¥à¤•ा निमोनिया है, तो उसका उपचार घर पर à¤à¥€ किया जा सकता है। जीवाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ निमोनिया का इलाज à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है। विषाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ निमोनिया अपने आप ठीक हो जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ विषाणॠसे लड़ती है।
यदि असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में ले जाकर जांचे न करवाई जाà¤à¤‚ तो यह जान पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है कि शिशॠको निमोनिया जीवाणà¥à¤µà¤¿à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से हà¥à¤† है या विषाणॠकी वजह से। à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ के तौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠको à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ लेने के लिठकह सकते हैं।
इस बीच, आप निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित तरीके से शिशॠकी परेशानी को कम करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर सकती है:
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बचà¥à¤šà¤¾ पूरा आराम करे
बà¥à¤–ार को कम करने के लिठउसे शिशà¥à¤“ं की पैरासिटामोल दी जा सकती है, मगर इसके लिठपहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें।
अगर वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— के संकà¥à¤²à¤¿à¤¤ (कंजेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡) होने और खांसी की वजह से शिशॠके लिठकà¥à¤› à¤à¥€ पीना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रहा हो, तो उसके शरीर में पानी की कमी हो सकती है। उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या बोतल से दूध पीने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें। अगर शिशॠने ठोस आहार लेना शà¥à¤°à¥ कर दिया है, तो आप उसे पानी à¤à¥€ दे सकती हैं
शिशॠको बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परà¥à¤šà¥€ के मिलने वाली खांसी-जà¥à¤•ाम की दवाà¤à¤‚ या जड़ी-बूटियों के उपचार न दें। हो सकता है वे शिशॠकी उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उचित न हों और उनसे साइड इफेकà¥à¤Ÿ होने का जोखिम हो।
कà¥à¤› लोग कहते हैं कि घरेलू उपचार, गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ वाले तेल, गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाले पेय, à¤à¥‹à¤œà¤¨ या जड़ी-बूटियां निमोनिया को ठीक करने में मदद करते हैं। कà¥à¤› लोग शिशॠको गरà¥à¤® वातावरण में रखने की सलाह à¤à¥€ दे सकते हैं। इस बात के परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं हैं कि ये उपचार शिशॠके लिठकितने सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं और हो सकता है इनमें से कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठउचित à¤à¥€ न हों।
शिशॠको जरà¥à¤°à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ में रखना खतरनाक हो सकता है और इससे आकसà¥à¤®à¤¾à¤¤ शिशॠमृतà¥à¤¯à¥ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (सिडà¥à¤¸) का खतरा à¤à¥€ बढ़ जाता है। कई à¤à¥‹à¤œà¤¨, पेय और हरà¥à¤¬ छोटे शिशà¥à¤“ं को न देने की सलाह दी जाती है। यदि फिर à¤à¥€ आप कोई वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• उपचार आजमाना चाहें, तो पहले इस बारे में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें।
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शिशॠको तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚:
यदि à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ शà¥à¤°à¥ करने के 48 घंटों बाद à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° न हो
उसका बà¥à¤–ार बढ़ता ही जाà¤
वह उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ और परेशान सा लगे
यदि शिशॠको सांस लेने में दिकà¥à¤•त हो रही हो या फिर उस समय आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° न मिल सके, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² ले जाà¤à¤‚।
यदि शिशॠको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में उपचार की जरà¥à¤°à¤¤ होगी तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करेंगे कि उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ और आॅकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ मिल रही है।
उसे डà¥à¤°à¤¿à¤ª के जरिये à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ दी जा सकती हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ होने पर तरल पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤ª के जरिये दिठजा सकते हैं। यदि उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही हो और उसके खून में आॅकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का सà¥à¤¤à¤° घट रहा हो, तो उसे मासà¥à¤• की सहायता से अतिरिकà¥à¤¤ आॅकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ à¤à¥€ दी जा सकती है।
आपके शिशॠकितने समय तक असà¥à¤¤à¤ªà¤¾à¤² में रहना पड़ेगा, य​ह इस बात पर निरà¥à¤à¤° करेगा कि उसका निमोनिया कितना गंà¤à¥€à¤° है। हलà¥à¤•े मामलों में उसे शायद à¤à¤•-दो दिन बाद ही छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ मिल जाà¤à¥¤ वहीं गंà¤à¥€à¤° मामलों में पांच से छह दिन असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में रà¥à¤•ना पड़ सकता है।
असà¥à¤¤à¤ªà¤¤à¤¾à¤² से छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ मिलने के बाद शिशॠबेहतर हो रहा हो, तो उसे आगे उपचार जारी रखने की शायद जरà¥à¤°à¤¤ न हो। बहरहाल उसे गंà¤à¥€à¤° निमोनिया हà¥à¤† हो या उसे बार-बार इसके लकà¥à¤·à¤£ महसूस हों, तो उसे दोबारा छाती का à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥‡ और जांच करवाने की जरà¥à¤°à¤¤ हो सकती है।
बचà¥à¤šà¥‡ को निमोनिया से बचाने के लिठमैं कà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने और उसके निमोनिया होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को कम करने के लिठनिमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित कदम जरà¥à¤°à¥€ हैं:
सबसे जरà¥à¤°à¥€ है कि उसका संपूरà¥à¤£ टीकाकरण हो। नà¥à¤¯à¥‚मोकोकल टीका (पीसीवी) निमोनिया, मेनिंजाइटिस और सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ रकà¥à¤¤ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ के कà¥à¤› मामलों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। à¤à¤š.आई.बी., डिपà¥à¤¥à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और काली खांसी के टीके, निमोनिया पैदा करने वाली सà¤à¥€ बीमारियों से बचाव के लिठबहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ हैं।
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। खांसते हà¥à¤ अपने मà¥à¤‚ह और नाक को ढक लें। कीटाणà¥à¤“ं को फैलने से रोकने के लिठअपने और अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के हाथ बार-बार धोते रहें। यदि आपके घर में कामवाली या आया शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करती है, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि वह à¤à¥€ सà¥à¤µà¤šà¥à¤› रहती हो।
धà¥à¤†à¤‚ रहित वातावरण हो। यदि आप या आपके पति धà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करते हैं, तो इसे छोड़ने की कोशिश करें। सिगरेट के धà¥à¤à¤‚ के आसपास रहने वाले बचà¥à¤šà¥‡ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बीमार पड़ते हैं, और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निमोनिया, सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम, असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और कान के संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण मिले। शिशॠको पहले छह महीनों तक अननà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना उसकी विकसित हो रही पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को सहारा देने का सबसे बेहतर तरीका है। आपके सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध में à¤à¤‚टीबॉडीज होती हैं जिनका उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ आपका शरीर करता है। अà¤à¥€ जब शिशॠकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पूरी तरह विकसित नहीं हà¥à¤ˆ होती तब à¤à¥€ ये à¤à¤‚टीबॉडीज संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से लड़ने में शिशॠकी मदद करती हैं। जब आप शिशॠको ठोस आहार खिलाना शà¥à¤°à¥ करती हैं, तो जब तक वह पूरी तरह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं छोड़ देता तब तक सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ और à¤à¤‚टीबॉडीज का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ रहेगा।
à¤à¥€à¤¡à¤¼-à¤à¤¾à¤¡à¤¼ वाली जगहों पर जाने से बचें। जिस दिनों वायरल इनफेकà¥à¤¶à¤¨ अधिक फैल रहा हो, उस समय जहां तक संà¤à¤µ हो शिशॠको à¤à¥€à¤¡à¤¼ à¤à¤°à¥‡ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ या चारों तरफ से बंद जगहों पर न लेकर जाà¤à¤‚।
अगर, आपका शिशॠसमय से पहले (पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤°) पैदा हà¥à¤† था, तो आपको शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही उसकी अतिरिकà¥à¤¤ देखà¤à¤¾à¤² करनी होगी। समय से पहले जनà¥à¤®à¥‡ शिशà¥à¤“ं की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ कमजोर होती है, इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
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